सारांश यह वीडियो गर्भावस्था के दौरान माँ और बच्चे, दोनों के स्वास्थ्य के लिए सही खान-पान और देखभाल के बेहद ज़रूरी होने पर ज़ोर देता है। यह नौ महीनों में धीरे-धीरे 10-12 किलोग्राम वज़न बढ़ाने की सलाह देता है, और रोज़ाना तीन संतुलित भोजन और 2-3 पौष्टिक नाश्ते लेने की सिफ़ारिश करता है, साथ ही बहुत ज़्यादा मीठे या नमकीन खाने से बचने को कहता है। गर्भवती महिलाओं को दूसरी और तीसरी तिमाही में अपनी कैलोरी की मात्रा 350 कैलोरी बढ़ानी चाहिए और यह पक्का करना चाहिए कि उन्हें पर्याप्त प्रोटीन मिले। एनीमिया से बचने के लिए, पत्तेदार सब्ज़ियों और गुड़ जैसे आयरन से भरपूर भोजन के साथ-साथ विटामिन C से भरपूर फल खाना भी बहुत ज़रूरी है, ताकि शरीर आयरन को बेहतर तरीके से सोख सके। यह वीडियो शराब, तंबाकू और दूसरे नशीले पदार्थों से पूरी तरह दूर रहने की सख्त चेतावनी देता है, और खाने के समय के आस-पास चाय/कॉफ़ी का सेवन कम करने का सुझाव देता है। आखिर में, यह डॉक्टर की सलाह के अनुसार आयरन और फोलिक एसिड सप्लीमेंट्स लेने की ज़रूरत पर ज़ोर देता है, और इस बात को दोहराता है कि एक स्वस्थ माँ ही एक स्वस्थ बच्चे को जन्म देती है। प्रतिलिपि गर्भावस्था के दौरान खानपान और देखभाल। गर्भावस्था में जो खाना आप खाते हैं, उसका सीधा असर आपके होने वाले बच्चे की सेहत पर पड़ता है। चलिए शुरुआत करते हैं इस जरूरी सवाल से। गर्भावस्था में वजन कितना और कैसे बढ़ना चाहिए? गर्भावस्था के दौरान धीरे-धीरे, पूरे नौ महीनों में लगभग 10 से 12 किलो वजन बढ़ना चाहिए। यह वजन बढ़ना मां और बच्चे, दोनों की अच्छी सेहत का संकेत होता है। इसलिए अपना वजन नियमित रूप से नपवाएं, डॉक्टर या किसी स्वास्थ्य कार्यकर्ता से जांच करवाकर। हर दिन तीन बार भरपूर और संतुलित भोजन करें। साथ ही 2 से 3 बार हल्का, लेकिन पौष्टिक नाश्ता लें। ध्यान रखें, खाना बहुत ज्यादा मीठा, या नमकीन ना हो ताकि आपकी और बच्चे की सेहत सुरक्षित रहे। आपकी थाली जितनी रंग बिरंगी होगी, उतनी ही पोषण से भरपूर होगी। हर दिन अपने खाने में शामिल करें अनाज, दालें, दूध, दही, पनीर, हरी सब्जियां, ताजे फल, और यदि आप लेते हैं, तो अंडा या मांसाहारी चीजें भी ले सकते हैं। गर्भावस्था के दूसरे और तीसरे ट्राइमेस्टर में, रोजाना करीब 350 कैलोरी ज्यादा लेनी चाहिए। साथ ही प्रोटीन का सेवन भी बढ़ाना बहुत जरूरी है। गर्भावस्था में खून की कमी, यानी एनीमिया से बचाव बहुत जरूरी है। इसके लिए रोजाना आयरन से भरपूर चीजें खाइए, जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, गुड़, और साथ में विटामिन सी युक्त चीजें भी खाइए, जैसे आंवला, संतरा, अमरूद या नींबू। क्योंकि यह आयरन को शरीर में, एब्जॉर्ब करने में मदद करते हैं। अब बात उन चीजों की, जिनसे दूरी बनाना जरूरी है। चाय, कॉफी सीमित मात्रा में लें। भोजन से 1 घंटे पहले और 1 घंटे बाद, चाय या कॉफी पीने से बचें, क्योंकि यह आयरन के एब्जॉर्प्शन को कम करती हैं। शराब, तंबाकू व किसी भी नशीले पदार्थ से पूरी तरह दूर रहें। यह मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए, बेहद नुकसानदायक हो सकते हैं। पौष्टिक खाना खाने के साथ-साथ, डॉक्टर की सलाह से आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां भी जरूर लें। याद रखिए, सेहतमंद मां ही सेहतमंद, बच्चे को जन्म देती है। पोषण से भरपूर खाना खाइए। खुद का ध्यान रखिए। क्योंकि मां की सेहत ही बच्चे की जीत है।